जालौन: पैतृक मकान पर कब्जे का आरोप, 16 साल बाद लौटे बेटे ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। थाना कोंच क्षेत्र के आजाद नगर निवासी साहिल खां ने पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को शिकायती पत्र देकर अपने पैतृक मकान पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत की है। पीड़ित का आरोप है कि उसके चाचा मकान खाली नहीं कर रहे हैं और विरोध करने पर गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
शिकायत के अनुसार, साहिल खां के पिता जमाल अहमद की 22 मार्च 2008 को हत्या कर दी गई थी। उस समय साहिल, उनका भाई और बहन सभी नाबालिग थे। पिता की मौत के बाद परिवार की देखभाल करने वाला कोई नहीं था, जिसके कारण उनकी मां बच्चों को लेकर बिठूर स्थित अपने मायके चली गईं। इसी वजह से परिवार कई वर्षों तक अपने पैतृक मकान से दूर रहा।
साहिल का कहना है कि आजाद नगर स्थित मकान संख्या 218 राजस्व अभिलेखों में आज भी उनके और उनके भाई के नाम दर्ज है। अब बालिग होने के बाद जब वह अपने पैतृक घर लौटे तो उनके चाचा बिलाल ने मकान खाली करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि जब उन्होंने अपने अधिकार की बात की तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 16 जून 2026 को थाना कोंच में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। थाना स्तर पर सुनवाई न होने के बाद उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने पैतृक मकान का कब्जा दिलाने और आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है।
यह मामला अब पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में पहुंच चुका है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर उनके साथ न्याय करेगा। दूसरी ओर, इस मामले में आरोपित पक्ष की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का भी आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।
चूंकि मामला पैतृक संपत्ति और कथित कब्जे से जुड़ा है, इसलिए जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह पूरा प्रकरण शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जालौन पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।